मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने कल किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए संशोधित मसौदा नियम जारी किए हैं, जिसमें मिट्टी परीक्षण, मौसम पूर्वानुमान और जैविक प्रमाणीकरण जैसी कृषि-तकनीक पहलों पर होने वाले खर्च को पात्र कृषि ऋण घटकों में शामिल करने का प्रस्ताव है। मसौदे के अनुसार, प्रति उधारकर्ता 2 लाख रुपये तक के कृषि और संबद्ध ऋणों के लिए संपार्श्विक और मार्जिन आवश्यकताओं में छूट दी गई है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आहरण सीमा को फसल-वार वित्तपोषण के पैमाने के अनुरूप बनाया गया है, जबकि एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले सीमांत किसानों के लिए 10,000 से 50,000 रुपये की लचीली ऋण सीमा का प्रस्ताव किया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने अल्पावधि फसलों के लिए फसल अवधि 12 महीने और दीर्घावधि फसलों के लिए 18 महीने निर्धारित की है, साथ ही केसीसी की वैधता को बढ़ाकर छह वर्ष करने का प्रस्ताव किया है। मसौदे पर सुझाव 6 मार्च, 2026 तक भेजे जा सकते हैं।
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