लोकसभा ने आज ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक-2022 पारित कर दिया। इसका उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 में संशोधन करना है। इससे ऊर्जा दक्षता और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और उपकरण, भवन और उद्योगों द्वारा ऊर्जा खपत का नियमन होगा । इस विधेयक के माध्यम से केंद्र ऊर्जा खपत नियामक मानकों को तय करेगा। इसमें बिजली उपभोक्ताओं को अपनी ऊर्जा खनिज स्रोतों के स्थान पर अन्य स्रोतों से प्राप्त करने को प्रोत्साहित किया गया है। यह सरकार को कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना निर्धारित करने का अधिकार भी देता है । विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए बिजली मंत्री आर के सिंह ने कहा कि देश को नवीकरणनीय ऊर्जा क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 40 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
श्री सिंह ने कहा कि केवल 18 महीनों में 28 लाख 80 हजार घरों को बिजली कनेक्शन दिये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उज्जवला और सौभाग्य योजनाओं के कार्यान्वयन के साथ देश का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भी दुनिया में सब से कम है । श्री सिंह ने बताया कि हरित और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी निवेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश 2030 तक 500 गीगावॉट के लक्ष्य के मुकाबले 161 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है । चर्चा में आरएसपी के एनके प्रेमचंद्र, एआईटीसी की मोहुआ मोइत्रा, कांग्रेस के गौरव गोगोई, भाजपा के डॉ मनोज राजोरिया, शिवसेना के डॉ श्रीकांत एकनाथ शिंदे और अन्य सदस्यों ने विधेयक में भाग लिया।
courtesy newsonair