सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय, त्रिपुरा सरकार और स्वदेशी प्रगतिशील क्षेत्रीय गठबंधन (TIPRA Motha) ने आदिवासी समुदाय की शिकायतों को दूर करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा, TIPRA Motha सुप्रीमो प्रद्योत देबबर्मा और अन्य वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद थे।
बता दें कि, समझौते पर हस्ताक्षर के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “यह त्रिपुरा के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। इस समझौते के साथ, हमने इतिहास का सम्मान किया है, गलतियों को सुधारा है और वर्तमान की वास्तविकता को स्वीकार करके भविष्य के लिए एक कदम उठाया है। कोई भी इतिहास नहीं बदल सकता है लेकिन हम पिछली गलतियों से सीख सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं। टीआईपीआरए मोथा और सभी आदिवासी दलों ने रचनात्मक भूमिका निभाई है और त्रिपुरा में भाजपा सरकार ने भी इस समझौते के प्रति ईमानदारी से काम किया है।”
नई दिल्ली में साइन किये गए इस समझौते का विस्तृत विवरण अभी जारी नहीं किया गया है। इस समझौते मैं शामिल कुछ जनजातियां अलग राज्य की मांग भी कर रही थीं। केंद्र सरकार ने किन मांगों को स्वीकार किया है और भविष्य में क्या किया जाएग इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं है लेकिन गृह मंत्री ने इस समझौते को ऐतिहासिक फैसला बताया है।
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