झारखंड पेपर लीक मामले में गिरिडीह से 6 गिरफ्तार, कोडरमा पुलिस ने लिया एक्शन

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गिरफ्तार
(Representative Image)

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जैक बोर्ड 10वीं की हिंदी और विज्ञान के प्रश्न पत्र लीक मामले में गिरिडीह से कोडरमा पुलिस ने 6 युवकों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए युवकों में एक गिरिडीह समाहरणालय का अनुबंधकर्मी है। जानकारी के अनुसार जैक बोर्ड से गिरिडीह प्रश्न पत्र आने के बाद उसे स्ट्रांग रूम में रखने के क्रम में प्रश्न पत्र चोरी कर लीक किए जाने की बात सामने आ रही है। गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र के न्यू बरबंडा में कोडरमा एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह की अगुवाई में छापेमारी की गई। अहले सुबह 4:00 बजे से शुरू हुई छापेमारी तकरीबन 6 घंटे चली। इस दौरान गिरफ्तार युवकों के पास से विभिन्न विषयों के ओरिजिनल प्रश्न पत्र भी बरामद किए जाने की सूचना मिल रही है। फिलहाल गिरफ्तार युवको को पुलिस कोडरमा लेकर आ रही है, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी। बहरहाल इस मामले में अभी तक पुलिस के उच्चाधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं। जैक की मैट्रिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा विधायक नीरा यादव तथा राज सिन्हा ने विधानसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया। स्पीकर रबिन्द्रनाथ महतो ने यह कहते हुए प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया कि चलते सत्र में इसपर चर्चा संभव है।

मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैट्रिक परीक्षा पेपर लीक मामले में डीजीपी अनुराग गुप्ता ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने कोडरमा व गढ़वा जिले में पूरे मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया है। डीजीपी ने निर्देश दिया है कि झारखंड एकेडेमिक काउंसिल (जैक) से प्रश्न पत्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाई जाने वाली पूरी प्रक्रिया को समझें, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक कहां से हुआ। उन्होंने बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच का भी निर्देश दिया है, जिससे इस पूरे प्रकरण के मुख्य साजिशकर्ता को चिह्नित किया जा सके। डीजीपी ने राज्य में मैट्रिक परीक्षा पेपर लीक मामले की वर्तमान स्थिति, जांच में हुई प्रगति और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने परीक्षा की निष्पक्षता, पेपर लीक मामले की जांच में पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाये रखने पर बल दिया। इसके लिए डीजीपी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने व इस मामले के अनुसंधान में डिजिटल तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर गहराई से जांच करने को कहा है। दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके, परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक निष्पक्ष व सुरक्षित बनाया जा सके, इससे संबंधित उपायों पर अधिकारियों ने विस्तृत रूप से चर्चा की है। डीजीपी की इस समीक्षा बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आइजी सीआइडी असीम विक्रांत मिंज, डीआइजी हजारीबाग संजीव कुमार, डीआइजी पलामू वाई. एस रमेश के अलावा गढ़वा व कोडरमा के एसपी उपस्थित थे।

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