आरबीआई के पूर्व गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल को तीन साल के लिए इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) का एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। सरकार ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केन्या में जन्मे भारतीय अर्थशास्त्री उर्जित पटेल की यह वहां पर वापसी होगी, जहां से उन्होंने करीब तीन दशक पहले अपने करियर की शुरुआत की थी। डॉ. पटेल सितंबर 2016 से दिसंबर 2018 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। उनके कार्यकाल के दौरान ही नोटबंदी लागू हुई थी और महंगाई नियंत्रण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे।
केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल को 3 साल के लिए इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड में कार्यकारी निदेशक के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। पटेल ने 2016 में रघुराम राजन के बाद आरबीआई के 24वें गवर्नर के तौर पर पदभार संभाला था। इन्हीं के कार्यकाल में सरकार ने नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया था। साल 2018 में इन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिस कारण वे पहले गवर्नर बने थे, जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से आरबीआई गवर्नर का पद छोड़ा और 1992 के बाद सबसे कम कार्यकाल तक आरबीआई गवर्नर बने रहे। उर्जित पटेल की रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार ने नोटबंदी करने का फैसला लिया था।
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