मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली केकियांग का 68 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सुधारवादी विचारधारा वाले नौकरशाह ली को एक समय देश के भावी राष्ट्रपति के रूप में देखा जाता था, लेकिन शी जिनपिंग की वजह से उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। ली ने शी के अधीन 10 साल तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।
जानकारी के लिए बता दें कि, ली को गुरुवार को दिल का दौरा पड़ा था और शुक्रवार की सुबह शांघाई में उनकी मौत हो गई। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान ली अन्य प्रधानमंत्रियों की तुलना में अपनी एक आधुनिक छवि बनाई थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आर्थिक सुधारों के समर्थन में आवाज उठाई थी। ली के पद छोड़ने के दौरान चीनी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर काफी कम थी। कोरोनावायरस के कारण देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान भी पहुंचा। हालांकि मौजूदा समय में बीजिंग ने अपनी धीमी अर्धव्यवस्था पर मजबूत पकड़ बना ली है।
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल शंघाई पार्टी के पूर्व प्रमुख शी जिनपिंग के सहयोगी ली कियांग को उनके उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त करना यह दर्शाता है कि ली केकियांग का सुधारवादी एजेंडा एक किनारे पर रह गया। ली केकियांग ने पेकिंग विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की थी। उनके सहपाठियों का मानना है कि उन्होंने ब्रिटिश न्यायाधीश के एक पुस्तक का अनुवाद कर उन्होंने पश्चिमी और उदारवादी राजनीतिक सिद्धांत को अपनाया।
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