मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर युद्ध के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से ईरान पर लागू तेल बिक्री के कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है। इससे समुद्र में फंसे माल की सीमित बिक्री की अनुमति मिल गई है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जहाजों पर पहले से लदे ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री के लिए एक सीमित, अल्पकालिक अधिकारों की घोषणा की है जो अगले महीने की 19 तारीख तक वैध है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस कदम से वैश्विक बाजारों में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल उपलब्ध हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों पर इसका प्रभाव सीमित होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे ईरान के लिए धन में वृद्धि हो सकती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड लगभग 112 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। युद्ध से पहले प्रतिबंधों के दौरान केवल चीन रियायती ईरानी तेल का मुख्य खरीदार था। इस छूट से भारत, जापान और मलेशिया जैसे देशों को तेल की आपूर्ति हो सकती है।
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