मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि आम नागरिकों पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रभाव इसकी नियामक व्यवस्था के केंद्र में होना चाहिए। नई दिल्ली में कल पुस्तक विमोचन के समारोह में श्री धनखड़ ने नागरिकों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दुरुपयोग से बचाने के लिए स्पष्टीकरण के अधिकार और स्वत: फैसलों को चुनौती देने के अधिकार लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यांत्रिक मेधा मौजूदा न्याय प्रणाली की फिर से जांच करने के लिए मजबूर करती है। श्री धनखड़ ने कहा कि वैश्विक मानकों के अनुरूप हमें भारत की साइबर संप्रभुता पर बल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था के लिए सभी हितधारकों को एक मंच पर आना होगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विनियमन के साथ मिलकर विकसित करना होगा।
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News & Image Source: newsonair.gov.in