मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश 2026 को लागू कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अध्यादेश तत्काल रूप से प्रभावी हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उत्तराखंड के राज्यपाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत इस अध्यादेश को जारी किया है। इसके जरिए यूसीसी अधिनियम 2024 के विभिन्न प्रावधानों में प्रक्रियात्मक, प्रशासनिक और दंडात्मक सुधार किए गए हैं ताकि इसके प्रभावी, पारदर्शी और सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में पारदर्शिता और सरलता के साथ किए गए क्रियान्वयन से जनता का भरोसा मजबूत हुआ है। यह भी बताया कि यूसीसी लागू होने से पहले, विवाहों का पंजीकरण उत्तराखंड अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम 2010 के तहत किया जाता था। पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन थी। लेकिन यूसीसी के तहत अब लगभग 100 प्रतिशत विवाह पंजीकरण ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, 19 जनवरी तक, यूसीसी लागू होने के एक वर्ष से भी कम समय में कुल 4 लाख 74 हजार चार सौ 47 विवाह पंजीकरण पूरे किए जा चुके हैं।
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