मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को गोरखपुर पहुंचे हैं। वह दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में पहुंचे। मीडिया की माने तो, गोरखपुर में दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं ICSSR द्वारा ‘पर्यावरण, प्रोद्योगिकी एवं सतत ग्रामीण विकास’ के मुद्दे पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण जल, भूमि, जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों का समन्वित रूप है। यदि भूमि रहने लायक न रहे, जल पीने लायक न रहे, जीव-जंतुओं का अस्तित्व संकट में रहे तो प्रौद्योगिकी का क्या महत्व रहेगा। पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को सरकार या संस्थानों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। जैसे नगरों में कूड़ा प्रबंधन को नगरीय निकायों की जिम्मेदारी मान ली जाती है। जबकि यह नागरिक जिम्मेदारी ज्यादा है। साथ ही इसमें महत्वपूर्ण आयाम यह है कि इसमें प्रौद्योगिकी के योगदान को बेहतर कैसे बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और संस्थानों के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आए। उसके अनुकूल प्रौद्योगिकी अपनाए। इसके लिए नई प्रौद्योगिकी को देसी तकनीकी से जोड़कर जैव परिस्थिति के अनुकूल बनाकर अपनाना होगा।

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