मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांटी व सकरा के पूर्व विधायक अशोक कुमार चौधरी नहीं रहे। पटना मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पुत्र सकरा के विधायक आदित्य कुमार इलाज के दौरान उनके साथ पटना में उपस्थित रहे। उनके निधन की खबर के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। पूर्व विधायक के निजी सहायक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि वह काफी दिनों से किडनी रोग से जूझ रहे थे। इस बीच 4 दिसंबर को ब्रेन हेमरेज होने के बाद उन्हें पटना में भर्ती कराया गया था। बताया कि वह बचपन से ही राजनीति में रुचि रखते थे। पहली बार 2001 में जिला परिषद चुनाव लड़े व जीते। जिस सीट से चुनाव लड़े थे आरक्षित होने के बाद अपनी पत्नी राधा देवी को चुनाव लड़ाया। वह भी चुनाव जीती।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांटी विधानसभा सीट पर 2010 में पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़े। चुनाव हार गए। क्षेत्र में उन्होंने अपना संपर्क बनाए रखा और 2015 के चुनाव में निर्दलीय लड़े और जीते। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना समर्थन दिया। 2020 में कांटी सीट छोड़कर सकरा आरक्षित सीट पर चुनाव लड़े और जीते। इस बार 2025 विधानसभा चुनाव में अपने पुत्र आदित्य कुमार को जनता दल यू से टिकट दिलाने में सफल रहे। आदित्य कुमार सकरा से चुनाव जीते हैं।कांटी विधायक पूर्व मंत्री ईं अजीत कुमार ने पूर्व विधायक के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि दी है। चाणक्य विद्यापति सोसाइटी के संरक्षक शंभूनाथ चौबे, भाजपा नेता केशव चौबे ने कहा कि वह एक जननेता थे। गरीबों के मददगार थे।
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