केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों से बात की

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मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों एंव केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रीय स्तर की वार्ता की अध्यक्षता की। इस वार्ता में विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पर विचार-विमर्श किया गया। वार्ता में देशभर के लगभग 45 हजार स्थानों से 2 लाख से अधिक मनरेगा कर्मियों ने भाग लिया। वार्ता का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में मनरेगा में कार्यरत कर्मियों को यह आश्वस्त करना था कि, नए अधिनियम से उनकी सेवा में कोई बाधा नहीं आएगी और वह पहले की तरह ही अपनी सेवा में निरंतर बनें रहेंगे ऐसा राज्य सरकार के माध्यम से सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 का स्वागत किया और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को धन्यवाद देते हुए यह आश्वासन दिया कि वह अधिनियम को सफलतापूर्वक कार्यन्वित करने के लिए पूरी लगन से काम करेंगे। इसी के साथ उन्होंने नए अधिनियम के तहत अपनी सेवाओं को जारी रखने और मानदेय भुगतान के बारे में प्रश्न पूछे।

मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपने संबोधन में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने मनरेगा कर्मियों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि, अधिनियम की धारा 37 (3) के तहत यह साफ है कि, मनरेगा में कार्यरत कर्मियों का रोजगार पूरी तरह सुरक्षित है एवं जो कर्मी मनरेगा कार्यन्वित कर रहे थे, वही वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 को भी कार्यन्वित करेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सेवा आगे भी जारी रखने से संबंधित प्रावधान का राज्यों के माध्यम से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। वेतन भुगतान से संबंधित प्रश्नों के उत्तर में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि नए अधिनियम में प्रशासनिक मद में खर्च की सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप आगे जाकर ना केवल राज्यों के माध्यम से कर्मियों के वेतन भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जा सकेगा बल्कि साथ में उनकी सेवा शर्तों में सुधार की भी काफी संभावना है। वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 पर एक प्रस्तुति भी दी गई, और अधिनियम की विशेषताओं, उद्देश्यों और कार्यान्वयन ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें 125 दिन के रोजगार और समावेशी प्रावधानों पर विशेष बल दिया गया। अंत में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर से कर्मियों की यह आश्वसान दिया कि नए अधिनियम के लागू होने के बाद भी उनकी सेवाएं निरंतर बनी रहे, यह राज्यों के साथ मिलकर सुनिश्चित किया जाएगा।

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