मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पहली बार विदेश यात्रा पर निकले हैं तथा आज सुबह श्रीलंका पहुंच गए। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी के नेतृत्व में उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं और अधिकारियों के साथ अवशेष श्रीलंका के राष्ट्रीय दिवस पर कोलंबो के प्रसिद्ध गंगारामया मंदिर में 10 फरवरी तक एक सप्ताह की प्रदर्शनी के लिए लाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2025 में श्रीलंका यात्रा के दौरान इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी की घोषणा की थी।
आप को बता दे, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री डॉ. हरीनी अमरसूरिया सहित कई मंत्रियों व अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस पवित्र आयोजन को संभव बनाने के लिए धन्यवाद दिया है। भारत ने बौद्ध विरासत को विश्व के साथ साझा करने का संकल्प दोहराते हुए वैश्विक बौद्ध धरोहर के जिम्मेदार संरक्षक की भूमिका निभाई है।
Image source: PIB, संस्कृति मंत्रालय
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