मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। रांची के डोरंडा थाने में दर्ज सरकारी दस्तावेज लीक करने के मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी गई है। यह मामला तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल का है, जब सरयू राय ने कथित तौर पर कोरोना प्रोत्साहन राशि के वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया था। सरयू राय पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी दस्तावेज लीक किए, उन्हें गायब किया और सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न की। स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव विजय वर्मा की शिकायत पर दो मई 2022 को उनके विरुद्ध डोरंडा थाने में मामला दर्ज किया गया था। अनुसंधान अधिकारी ने 22 अगस्त 2024 को आरोप पत्र दाखिल किया था। सरयू की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय और रणविजय कुमार ने जोरदार बहस की, जिसके फलस्वरूप अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उन्हें दस-दस हजार रुपये के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत प्रदान की। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में चल रही थी।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरतलब है कि मई 2022 में सरयू राय ने मीडिया को बताया था कि बन्ना गुप्ता और उनके कार्यालय के 60 कर्मचारियों को कोरोना प्रोत्साहन राशि का गलत भुगतान किया गया था। उनका आरोप था कि इस मद में 103 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई। स्वास्थ्य विभाग की समिति द्वारा तैयार की गई 94 पात्र कर्मचारियों की सूची में मंत्री के कार्यालय से 60 अतिरिक्त नाम जोड़े गए थे, जिसके बाद यह विवाद सामने आया। इस खुलासे के बाद ही राय के खिलाफ आफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
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