कंगाल पाकिस्तान की गरीबी वाली हालत दुनिया से छिपी नहीं है। मीडिया सूत्रों की मान तो, दो वक्त के आटे के लिए पाकिस्तानी आवाम ने कितनी जद्दोजहद की है, इसे दुनिया ने देखा। पाकिस्तान में आवाम के ही नहीं बल्कि वहां जानवरों के हालात भी बदतर हैं। जानवरों को अपनी जान बचाने के लिए भी जद्दोजहद करना पड़ रही है। पिछले महीने कराची के चिड़ियाघर में नूरजहां नाम की एक हाथी की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। अब उसे जू में मधुबाला नाम की एक हाथी भी मृत्युशैय्या पर है। नूरजहां और मधुबाला, दोनों पहले एक ही साथ रहा करते थे। बाद में जब नूरजहां की मौत हो गई, तब मधुबाला को अलग से एकांत कारावास में भेज दिया गया था।
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, पाकिस्तान ने अभी तक अवाम ही दो वक्त की रोटी के लिए जंग करती दिख रही थी। रमजान के पाक महीने में पाकिस्तानी अवाम आटे के लिए मारकाट में व्यस्त थे। लेकिन, पाकिस्तान के हालात इतने बुरे हैं कि अब जानवरों को भी अपनी जान बचाने के लिए जंग करनी पड़ रही है। पिछले महीने ही कराची चिड़ियाघर में 18 साल की एक हाथी नूरजहां की दर्दनाक मौत हुई थी। अब उसी चिड़ियाघर में मधुबाला नाम की एक दूसरी हाथी मौत के कगार पर खड़ी है। नूरजहां और मधुबाला पहले एक साथ ही रहते थे, लेकिन नूरजहां की मौत के बाद मधुबाला को एकांत कारावास में रख दिया गया था। शनिवार को कराची चिड़ियाघर प्रशासन ने मधुबाला के संक्रमित होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि संक्रमण की जानकारी लाहौर के यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज के वैज्ञानिकों की एक टीम ने मधुबाला के खून की जांच के बाद हुई है। नूरजहां और मधुबाला को 14 साल पहले तंजानिया से कराची लाया गया था।
Image Source : Vanbharat Times
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