बांग्लादेश में चुनाव से पहले अमेरिका ने जारी किया ‘सिक्योरिटी अलर्ट’, राजनीतिक हिंसा की संभावना

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बांग्लादेश में चुनाव से पहले अमेरिका ने जारी किया 'सिक्योरिटी अलर्ट', राजनीतिक हिंसा की संभावना

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक ओर बांग्लादेश में आम चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक हिंसा की आशंकाएं गहराती जा रही हैं। इसी को देखते हुए ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने बांग्लादेश में रह रहे अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है और उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। प्रेट्र के अनुसार, शुक्रवार को बांग्लादेश में अमेरिका के राजदूत ब्रेंट टी क्रिस्टेंसन ने जमात ए इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान से मुलाकात की और आगामी चुनावों पर चर्चा की। गौरतलब है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को 13वें संसदीय चुनाव होने हैं, साथ ही जनमत संग्रह की भी तैयारी है। 300 संसदीय सीटों के लिए होनेवाले चुनाव में 50 से ज्यादा राजनीतिक दलों के 2000 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमाएंगे। चुनाव निगरानी के लिए 16 देशों के 57 चुनाव पर्यवेक्षकों को भी आमंत्रित किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 22 जनवरी से शुरू हुए चुनाव प्रचार के बाद हिंसक घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है। भीड़ से बचें, मोबाइल चार्ज रखें अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर जारी चेतावनी में कहा कि राजनीतिक हिंसा किसी भी रूप में सामने आ सकती है। शांतिपूर्ण रैलियां अचानक हिंसक हो सकती हैं और चुनावी अवधि के दौरान चरमपंथी हमलों का खतरा भी बना रह सकता है। चेतावनी में कहा गया है कि रैलियों, मतदान केंद्रों और धार्मिक स्थलों- चर्च, मंदिर और मस्जिद- को निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी नागरिकों से अपील की गई है कि वे रैलियों और प्रदर्शनों से दूरी बनाए रखें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतें। ऐसे में लोगों को स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, अपने आसपास सतर्क रहने और आपात स्थिति के लिए मोबाइल फोन हमेशा चार्ज रखने की सलाह दी गई है।

मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राजदूत ने जमात प्रमुख से मुलाकात का उल्लेख करते हुए एक्स पर लिखा कि अमेरिका बांग्लादेश की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर साझा शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि बांग्लादेश सरकार ने चुनाव से पहले परिवहन पर सख्ती का एलान किया है। 10 फरवरी से मोटरसाइकिलों पर और 11 व 12 फरवरी को सभी परिवहन साधनों पर रोक रहेगी। इस बीच, अंतरिम सरकार ने शेरपुर में हुई हिंसक घटना पर चिंता जताई है, जिसमें जमात-ए-इस्लामी के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस विंग ने कहा कि किसी भी तरह की जनहानि अस्वीकार्य है।अल्पसंख्यक संगठनों ने भी जताई चिंता आइएएनएस के अनुसार, चुनाव से पहले अल्पसंख्यक संगठनों ने भी चिंता जताई है। हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान की मांग करते हुए सांप्रदायिकता पर रोक की अपील की है। वहीं चुनाव आयोग ने दावा किया है कि वह अल्पसंख्यकों के मताधिकार की सुरक्षा और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परिषद ने समाचार पत्रों और मीडिया आउटलेट की खबरों के आधार पर बताया कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 522 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई हैं, जबकि यूनुस सरकार ने ऐसे केवल 71 मामलों का ही दावा किया है।

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