राजधानी के नर्मदापुरम रोड बागसेवनिया स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन शनिवार को शुरू हो गया है। यह सम्मेलन जीवन वैभव और एस्ट्रोवर्स संस्था की ओर से आयोजित किया जा रहा है। मीडिया की माने तो, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इसका शुभारंभ किया। महर्षि पाराशर के नाम पर यह पहला ज्योतिष सम्मेलन है। इसमें देश-विदेश के जाने-माने ज्योतिषी व शिक्षक शिरकत कर रहे हैं। इसमें वैश्वीकरण के कारण बदलते परिवेश में ज्योतिष दृष्टिकोण से शिक्षा, नौकरी, संबंध, विवाह सहित अन्य उपयोगी विषयों पर अनुभव साझा किया जाएगा। इस सम्मेलन का समापन 10 सितंबर को होगा।
मीडिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि धैर्य के साथ नीति के पथ पर चलते हुए कल्याणकारी कार्य करते रहने में जीवन की सार्थकता है। उन्होंने एक अन्य दृष्टांत के माध्यम से बताया कि ज्योतिष फल की इच्छा के बिना सत्कर्म करने और आत्मसंतोष का मार्ग प्रशस्त करता है। रोजगार और व्यवसाय के विकल्प के रूप में ज्योतिष को उसकी वैज्ञानिकता और रचनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ज्योतिष में 12 राशि, 9 ग्रह और 27 नक्षत्र होते है। राज्यपाल ने वन मंत्री के रूप में परियोजना से जुड़े प्रसंगों के उल्लेख में बताया कि पुनीत वन में बेल पत्र के पौधों के समूह से शिवलिंग की रचना की गई है। मांगलिक वन में ऊँ का आकार वृक्षों के द्वारा बनाया गया है। उन्होंने सम्मेलन आयोजन की सराहना करते हुए भारतीय ज्ञान परंपराओं को वैश्विकता प्रदान करने की सराहनीय पहल बताया।
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