मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को देश की पांच शास्त्रीय भाषाओं – तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और ओडिया – का प्रतिनिधित्व करने वाली 55 दुर्लभ और मूल्यवान साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया। इन पुस्तकों का प्रकाशन केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान ने किया है। श्री प्रधान ने केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान द्वारा प्रकाशित तिरुक्कुरल सांकेतिक भाषा श्रृंखला की 13 पुस्तकों का भी विमोचन किया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि भारत की भाषाएं समाज को एकजुट करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष मराठी, तेलगू, बंगाली, आसामी, पाली और प्राकृत भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च स्तरीय अनुसंधान भारतीय भाषाओं में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांचवीं कक्षा तक मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने की पहल चलाई जा रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के पाठ्यक्रम भी भारतीय भाषाओं में तैयार किए गए हैं।
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा खबरें



