मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद की संयुक्त बैठक में मुर्मू का यह पहला संबोधन है। नई लोकसभा का पहला सत्र गत सोमवार को शुरू हुआ था। इसके अलावा राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून से शुरू होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारत की महान परंपरा की प्रतिष्ठा पूरी दुनिया में लगातार बढ़ रही है और भारत के लोगों को भी यह विश्वास है कि उनकी आकांक्षा उनकी सरकार (मोदी सरकार) ही पूरा कर सकती है।
संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी सांसदों (सत्ता पक्ष और विपक्ष) को मिलकर देश हित में काम करने की नसीहत भी दी। विपक्षी दलों की टोकाटाकी और नारेबाजी के बीच मोदी सरकार की उपलब्धियों को सामने रखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार उन आधुनिक मानदंडों पर काम कर रही है, जिससे भारत विकसित देशों के सामने बराबरी से खड़ा हो सके। विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब देश के गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान सशक्त होंगे।इसलिए सरकार की योजनाओं में सर्वोच्च प्राथमिकता इन्हीं चार स्तंभों को दी जा ही है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में किया आपातकाल का जिक्र
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण के दौरान आपातकाल का भी मुद्दा उठाया। राष्ट्रपति ने आपातकाल के उस दंश का जिक्र किया, जिसे 1975 में पूरे देश ने झेला। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज 27 जून है। 25 जून 1975 को लागू हुआ आपातकाल संविधान पर बड़े और सीधे हमले का काला अध्याय था। उस दौरान पूरे देश में हाहाकार मच गया था। लेकिन ऐसी असंवैधानिक ताकतों पर देश ने जीत हासिल करके दिखाई। क्यों कि भारत के मूल्य में गणतंत्र की परंपराएं रही हैं। राष्ट्रपति के ऐसा बोलते ही पीएम मोदी ने मेज थपथपाकर उनकी इस बात का समर्थन किया। राष्ट्रपति ने जब आपातकाल पर बोला तो संसद में हंगामा मच गया। हर तरफ विपक्ष के हंगामे की आवाज गूंजने लगी।
केंद्रीय बजट पर क्या बोलीं द्रौपदी मुर्मू?
बजट का जिक्र करते हुए स्पीच के दौरान राष्ट्रपति बोलीं, “आने वाले सत्र में सरकार इस कार्यकाल में पहला बजट लेकर आएगी। यह बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्यवादी दृष्टिकोण का प्रभावशाली दस्तावेज होगा। बजट में बड़े आर्थिक और सामाजिक फैसलों के साथ कई ऐतिहासिक कदम भी देखने को मिलेंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया कि सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के संकल्प ने भारत को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाया है।
‘देश के किसानों के पास पूरी क्षमता’
किसानों को लेकर राष्ट्रपति ने कहा, ‘पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपए दिए। नए साल के कार्यकाल के शुरुआत में ही किसानों को 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। खरीफ फसलों के एमएसपी पर रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड को देखते हुए सप्लाई चेन को सशक्त किया जा रहा है। आजकल दुनिया में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। देश के किसानों के पास इस मांग को पूरा करने की पूरी क्षमता है, इसलिए सरकार प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन को सशक्त कर रही है।’
जलवायु परिवर्तन से लेकर हवाई यात्रा पर बोलीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘आने वाला समय ग्रीन एरा यानि हरित युग का है। सरकार इसके लिए भी हर जरूरी कदम उठा रही है। हम हरित उद्योगों पर निवेश बढ़ा रहे हैं, जिससे ग्रीन जॉब भी बढ़े हैं। सरकार ग्रीन एनर्जी और ग्रीन मोबिलिटी पर बड़े लक्ष्यों के साथ काम कर रही है। प्रदूषण और साफ सुधरे शहरों पर पिछले 10 साल से काम किया जा रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रपति ने हवाई यात्रा पर बोलते हुए कहा कि अप्रैल 2014 में भारत में 209 एयरलाइन रूट्स थे। अप्रैल 2024 में ये बढ़कर 605 हो हए हैं। टियर टू और टियर थ्री शहरों को फायदा हो रहा है। वहीं नेशनल हाइवे को लेकर राष्ट्रपति ने कहा नेशनल हाइवे दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहे हैं। उत्तर पूर्वी दक्षिणी भारत के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए फिजिबिलिटी पर काम किया जा रहा है।
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