मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 50 साल बाद पिछले महीने कोई अमेरिकी अंतरिक्ष यान चंद्रमा पर उतरा था। ओडीसियस लैंडर जब चंद्रमा की सतह पर उतरा तो कुछ खराबी के चलते टीम का अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया था। नासा ने बताया था कि उतरते समय मून लैंडर ओडीसियस का एक पैर चंद्रमा पर फंस गया था। इससे यह एक ओर झुक गया है। हालांकि, अब बुरी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक हफ्ते बाद गुरुवार को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाले ओडीसियस ने काम करना बंद कर दिया।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह तब पता चला जब वैज्ञानिकों को अपने कंप्यूटर और पावर सिस्टम को स्टैंडबाय मोड में प्रवेश करने का निर्देश देने से पहले ओडीसियस से एक आखिरी तस्वीर मिली। स्टैंडबाय मोड का उद्देश्य लैंडर की क्षमता को दो से तीन हफ्ते तक और काम करने के लिए बनाया गया था। इंटुएटिव मशीन्स के प्रवक्ता जोश मार्शल ने बताया कि अंत में हुईं क्रियाओं ने लैंडर की बैटरियों को खत्म कर दिया, जिससे ओडीसियस ने काम करना बंद कर दिया है।
मीडिया में आई खबर के अनुसार, कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘गुड नाईट ओडी। उम्मीद करते हैं यह फिर से काम करना शुरू करेगा।’
मीडिया सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया था कि उसका मून लैंडर ओडीसियस का एक पैर चंद्रमा पर फंस गया है।इसकी वजह से वह एक ओर झुक गया था। इस खबर की पुष्टि लैंडर का निर्माण और संचालन करने वाली कंपनी इंटुएटिव मशीन्स ने भी की थी। ओडीसियस आधी सदी से भी अधिक समय में चंद्रमा पर उतरने वाला पहला अमेरिकी अंतरिक्ष यान है। यह रोबोटिक लैंडर 22 फरवरी शाम 6.23 बजे ईटी पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में उतरा था। लेकिन, फ्लाइट कंट्रोलर्स को लैंडर के कम्युनिकेशन सिग्नल्स से सिग्नल लेने में कई मिनट लग गए थे।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंटुएटिव मशीन्स के सीईओ स्टीव अल्टेमस ने कहा था, ‘जैसे ही यह उतरा, ओडीसियस का एक पैर सतह पर फंस गया। इससे यह एक ओर झुक गया है। फिर भी, लैंडर हमारे इच्छित लैंडिंग स्थल के करीब या उस पर है।’ नासा और इंटुएटिव मशीन्स ने कहा था कि उन्हें लैंडर से डेटा मिल रहा है और उनका मानना है कि इसमें मौजूद अधिकांश वैज्ञानिक उपकरण काम करने की स्थिति में हैं। हालांकि, अब इसने काम करना बंद कर दिया है।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, इससे पहले, इंटुएटिव मशीन्स कंपनी ने कहा था कि ओडीसियस ने चंद्रमा की सतह से अपने मालापर्ट तक की तस्वीर भेजी हैं। इससे साफ है कि सबसे दूर दक्षिण का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई भी वाहन चंद्रमा पर उतरने और जमीन नियंत्रकों के साथ संचार स्थापित करने में सक्षम है। कंपनी ने दो तस्वीर साझा की थी। पहली
तस्वीर एक षट्भुज आकार के अंतरिक्ष यान के उतरने की और दूसरी उसके गिरने के 35 सेकंड बाद ली गई, जिसमें मालापर्ट की पक्की मिट्टी का पता चलता है।
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