मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने पुणे पोर्श कार हादसा मामले में ब्लड सैंपल बदलने के आरोपी तीन लोगों को जमानत दे दी। इस हादसे में दो युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि नाबालिगों से जुड़ी ऐसी घटनाओं के लिए माता-पिता जिम्मेदार हैं तथा बच्चों को कार की चाबियां व पैसे देना अस्वीकार्य है।
आप को बता दे, आरोपी अमर गायकवाड़ ने नाबालिग के ब्लड सैंपल बदलने हेतु डॉक्टर सहायक को तीन लाख रुपये दिए थे। आदित्य सूद और आशीष मित्तल के सैंपल का उपयोग दो अन्य नाबालिगों के टेस्ट हेतु किया गया था। 19 मई 2024 को कल्याणी नगर में नशे में धुत 17 वर्षीय लड़के की पोर्श कार ने दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी। नाबालिग को जमानत पर रिहा किया गया था तथा उसके माता-पिता सहित 10 लोग ब्लड सैंपल छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार हुए थे।
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