मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और व्हाट्सएप को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि डेटा शेयरिंग के नाम पर नागरिकों के निजता के अधिकार से समझौता नहीं किया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि तकनीकी दिग्गज देश के नागरिकों की गोपनीयता के साथ खेल नहीं सकते और बिना किसी ठोस अंडरटेकिंग के डेटा का एक शब्द भी साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आप को बता दे, शीर्ष अदालत ने कहा कि इन तकनीकी कंपनियों की गोपनीयता की शर्तें इतनी चालाकी से तैयार की जाती हैं कि एक आम नागरिक उन्हें समझ ही नहीं पाता है। मुख्य न्यायाधीश ने इसे निजी जानकारी की चोरी करने का एक “सभ्य तरीका” करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि कंपनियां हलफनामा नहीं देती हैं, तो कोर्ट सख्त आदेश पारित करने को मजबूर होगा। इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को भी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट इस पूरे विवाद पर आगामी 10 फरवरी को अपना अंतरिम आदेश सुना सकता है। यह मामला व्हाट्सएप की विवादास्पद प्राइवेसी पॉलिसी और उसके माध्यम से होने वाले डेटा साझाकरण से जुड़ा है।
Image source: PTI
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