मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल एक दिन के गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी महावीर जयंती के अवसर पर गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित भी करेंगे। महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग भाग हैं, जिनमें से प्रत्येक भारत की सभ्यतागत परंपराओं के अनूठे पहलुओं को समर्पित है। संग्रहालय में सदियों पुराने दुर्लभ अवशेष, जैन कलाकृतियाँ और पारंपरिक विरासत संग्रह संरक्षित और प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियाँ, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्र, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियाँ शामिल हैं, जो सात भव्य दीर्घाओं में प्रदर्शित हैं। प्रधानमंत्री अहमदाबाद के सानंद स्थित केयन्स सेमीकंडक्टर संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करेंगे। यह उद्घाटन संयंत्र वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक है, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सुविधा स्वदेशी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता के निर्माण में योगदान देगी, भारत के चिप इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण होगी। और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी। बाद में प्रधानमंत्री वाव-थारद जाएंगे जहां वे 20 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 20 हजार करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन और राजमार्ग, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। उद्घाटन में अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे भी शामिल है, जो 5100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एक नियंत्रित राजमार्ग है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाएगा, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति देगा। प्रधानमंत्री पक्के शोल्डर वाले 4-लेन इदर-बडोली बाईपास खंड के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे एनएच-754के के धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतालपुर खंड (पैकेज-II) को दो-लेन पक्के शोल्डर वाले कैरिजवे में अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन के लिए संबंधित पारेषण प्रणालियों सहित प्रमुख बिजली पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनकी कुल लागत लगभग 3 हजार 650 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण और पारेषण क्षमता मजबूत होगी। रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री राजकोट-कनालस दोहरीकरण परियोजना के भाग कनलस-जामनगर दोहरीकरण परियोजना और गांधीधाम-आदिपुर खंड के चौगुनी लंबाईकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से रेल क्षमता बढ़ेगी, भीड़ कम होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों और माल की आवाजाही तेज होगी। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
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