मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को नई दिल्ली में विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ब्रिक्स सीसीआई) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य नवाचार, स्टार्टअप, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, अनुसंधान सहयोग और उद्यमिता के जरिए उद्योग-नियंत्रित वैश्विक जुड़ाव और सहयोग को मजबूत करना था।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक सोशल मीडिया पोस्ट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पिछले दशक में ब्रिक्स और ब्रिक्स प्लस देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने, बिज़नेस-टू-बिज़नेस जुड़ाव, महिला उद्यमिता, स्टार्टअप नेटवर्किंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च पार्टनरशिप और सेक्टर-वाइज़ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए चैंबर की पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इनोवेशन, स्टार्टअप्स, उभरती हुई टेक्नोलॉजी, रिसर्च में सहयोग और एंटरप्रेन्योरशिप के जरिए ब्रिक्स और ब्रिक्स प्लस इकोसिस्टम में इंडस्ट्री के नेतृत्व वाले ग्लोबल जुड़ाव और सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्हें फिर से बताया गया कि एक ग्लोबल इनोवेशन हब के तौर पर भारत की बढ़ती अहमियत और नई टेक्नोलॉजी में इसकी लीडरशिप, इंडस्ट्री संगठनों के लिए मजबूत इंटरनेशनल पार्टनरशिप बनाने का एक बेहतरीन मौका देती है, जिससे देश की तरक्की और ग्लोबल डेवलपमेंट में योगदान मिलता है। ब्रिक्स के दायरे में काम करने वाले संस्थान पारंपरिक नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म तक सीमित रहने के बजाय ज्ञान, इनोवेशन और सार्थक पार्टनरशिप के जरिए एक खास वैल्यू प्रपोज़िशन बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
News Source : Social Media
Image Source : X @DrJitendraSingh
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