मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में ‘नर्मदा समग्र’ की समीक्षा बैठक कर नर्मदा परिक्रमा पथ को अतिक्रमण मुक्त बनाने के निर्देश दिए। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने बताया कि समग्र की बैठक प्रतिमाह होगी, जिसमें नदी क्षेत्र के विकास के निर्णय लिए जाएंगे। सभी विभागों के अधिकारी पूरे समर्पण से यह कार्य करें। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे बताया कि प्रदेश भर में माँ नर्मदा जयंती पर विभिन्न आयोजन किए जाएं। प्रदेश में नदियों के संरक्षण के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं को जोड़ें। माँ नर्मदा जी के तट के सभी धार्मिक और पवित्र स्थल प्रदूषण मुक्त बनाएं, यहाँ दीनदयाल रसोई प्रारंभ करें।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि शहरी क्षेत्रों में नर्मदा घाटों को निर्मल बनाए रखने की व्यवस्था की जा रही है। ‘नर्मदा कोष पोर्टल’ भी बनेगा। मां नर्मदा के जल को सदैव निर्मल और अविरल रखने के लिए ‘नमन मिशन’ तैयार किया गया है, जो घाटी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्राधिकृत होगा। इसे क्रियान्वित करने के लिए वर्ष 2026-27 का रोडमैप भी तैयार है। सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम डॉ. मोहन यादव ने लिखा, “माँ नर्मदा जी के उद्गम स्थल अमरकंटक में ‘जैव विविधता प्रबंधन संस्थान’ बनाया जाएगा, जिसके लिए योजना प्रस्ताव तैयार है। घाटी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा करीब 415 हेक्टेयर क्षेत्र में 2.70 लाख पौधे लगाए जाएंगे। प्रदेश के नर्मदा क्षेत्र के 21 नगरों में 35 एसटीपी दिसंबर, 2027 तक तैयार हो जाएंगे। ओंकारेश्वर के विकास के लिए वहां ‘स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी’ तैयार की जाएगी।”
News Source : Social Media
Image Source : X @DrMohanYadav51
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें



