मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज कोयंबटूर में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया-सलीम अली सेंटर फ़ॉ ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (WII-SACON) में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्घाटन किया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ की 7वीं बैठक के दौरान पीएम मोदी द्वारा घोषित, यह नया ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ रिसर्च, इनोवेशन, पॉलिसी सपोर्ट, क्षमता निर्माण और बेहतरीन तौर-तरीकों को फैलाने के लिए एक नेशनल हब के तौर पर काम करेगा। इसका मकसद इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव के वैज्ञानिक और सबूत-आधारित मैनेजमेंट को मजबूत करना है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे बताया कि संस्थान से कहा गया कि वह बाघ रिज़र्व के बाहर बाघों, साथ ही तेंदुओं और हाथियों से जुड़े टकरावों और लोगों के साथ उनके आमना-सामना की स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए नीतियां बनाने की एक व्यापक रणनीति तैयार करे। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में ‘मिशन मोड’ में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए ताकि समुदायों को इंसानों और जंगली जानवरों के आमना-सामना की स्थितियों से सुरक्षित तरीके से निपटने के बारे में शिक्षित किया जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे बताया कि तरीका ऐसा होना चाहिए जो इलाके और प्रजाति, दोनों के हिसाब से हो, ताकि इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव को कम करने के लिए सही और असरदार कदम उठाए जा सकें और साथ ही, लोगों और जंगली जानवरों के लंबे समय तक साथ रहने को बढ़ावा दिया जा सके।
News Source : Social Media
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