मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून पर संयुक्त राष्ट्र आयोग (यूएनसीआईटीआरएएल) की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में, यूएनसीआईटीआरएएल ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून में एकरूपता लाने, उसे आधुनिक बनाने और उसके प्रगतिशील विकास में अहम योगदान दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी में बदलाव, डिजिटल कॉमर्स, बदलती सप्लाई चेन और निवेश के नए तरीकों से दुनिया में बड़े बदलाव आ रहे हैं। इनका असर इस बात पर पड़ रहा है कि सामान, सर्विस, कैपिटल और डेटा एक देश से दूसरे देश में कैसे आते-जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कानूनी ढांचे की जरुरत जो पहले से पता हों और जिनमें एकरूपता हो। साथ ही, विवाद सुलझाने के असरदार तरीके और सीमा-पार लेन-देन में ज्यादा निश्चितता की आवश्यकता कि बात पर भी उन्होंने जोर दिया।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे बताया कि ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए यह सुनिश्चित करना जरुरी है कि इंटरनेशनल ट्रेड लॉ का विकास उनकी विकास संबंधी प्राथमिकताओं और व्यावहारिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर हो। साथ ही विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एक आधुनिक, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुकूल कानूनी माहौल बनाने के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता है।
News Source : Social Media
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