मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना को लेकर आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी-सी (एसएफसी-सी) की बैठक की अध्यक्षता की। कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में सीएमओ हरियाणा ने बताया कि विश्व बैंक द्वारा जल क्षेत्र में हरियाणा को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 5,714.80 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है, जिसमें 4,000 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग विश्व बैंक और 1,714.80 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीएमओ हरियाणा ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे बताया कि वर्ष 2026 से 2032 तक चरणबद्ध रूप से लागू होने वाली इस परियोजना के तहत राज्य में 15 जल प्रबंधन क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिनका क्षेत्रफल लगभग 48.94 लाख एकड़ होगा। साथ ही विश्व बैंक के सहयोग से 2,484.87 करोड़ रुपये की लागत से 104 नहरों का पुनर्वास किया जाएगा। सोशल मीडिया पोस्ट में सीएमओ हरियाणा द्वारा बताया गया कि यह परियोजना हरियाणा में जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और किसानों के लिए बेहतर जल प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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