मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों पक्षों ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बातचीत मुख्य रूप से व्यापार और निवेश, बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण खनिजों, खनन, रक्षा और सुरक्षा, इनोवेशन, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई सहित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रही। उन्होंने 2030 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय किया।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे बताया कि दोनों पक्षों ने सहयोग के बढ़ते दायरे और गहराई को देखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। दोनों नेताओं की मौजूदगी में खनन, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन और आयुर्वेद सहित कई क्षेत्रों से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों और समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। उज्बेकिस्तान में फयाज टेपा और कारा टेपा जैसे बौद्ध स्थलों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ पर भी सहमति बनी।
News Source : Social Media
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