मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में खनिज साधन विभाग की बैठक कर विभागीय गतिविधियों एवं प्रस्तावित राज्य खनिज अन्वेषण नीति-2026 की विस्तृत समीक्षा की। सीएम यादव ने अधिकारियों को प्रस्तावित नीति का अनुमोदन करते हुए इसे प्रभावी एवं निवेश-अनुकूल बनाने तथा प्रदेशवासियों के हित में कारगर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम यादव ने लिखा, “प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों का पारदर्शी, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-सम्मत उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश को राजस्व प्राप्त होने के साथ निवेश को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों।”
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला खनिज निधि (डीएमएफ) का समुचित उपयोग करते हुए खनिज संपदा से समृद्ध सिंगरौली को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि, वन, पर्यावरण, सड़क एवं वाटरशेड के क्षेत्र में मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए। कल एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम यादव ने लिखा, “प्रस्तावित नीति के तहत खनिज राजस्व को वित्त वर्ष 2026-27 में ₹13,720 करोड़ तथा 2030-31 तक ₹30,000 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, जुलाई 2026 तक प्रदेश के सभी 55 जिलों में ₹3,574.53 करोड़ की DMF निधि उपलब्ध है, जिसमें सर्वाधिक योगदान सिंगरौली जिले का है। खनिज संसाधनों से प्राप्त होने वाले लाभ का अधिकाधिक हिस्सा जनहित और प्रदेश के विकास में उपयोग हो, इसी संकल्प के साथ मध्यप्रदेश को खनिज क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।”
News Source : Social Media
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