मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में आयोजित 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में उद्घाटन भाषण दिया। इस कॉन्क्लेव का विषय “बदलाव के दौर में मजबूती” था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक मजबूती को सामाजिक मजबूती से अलग नहीं किया जा सकता और तेजी से बदलती दुनिया में समावेश (सबको साथ लेकर चलना) ही मजबूती का आधार है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत के अनुभव का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र और विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं, और आम सहमति, समावेश और जिम्मेदार नीति-निर्माण टिकाऊ विकास का आधार बनते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असली मजबूती इसी में है कि कोई भी नागरिक, कारोबार या इलाका पीछे न छूटे, और उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
News Source : Social Media
Image Source : X @VPIndia
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें



