(भोपाल): वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी डॉ गिरीश जी के मार्गदर्शन में भोपाल के महर्षि शिक्षा संस्थान के छान स्थित उत्सव भवन में आयोजित नौ दिवसीय पावन श्रीमद् देवी भागवत कथा के आठवें दिन कथा व्यास आचार्य डॉ निलिम्प त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को मां भगवती की महिमा के साथ-साथ पौराणिक प्रसंगों से जोड़ा। वेदवती चरित्र और तुलसी चरित्र का अत्यंत मनमोहक वर्णन हुआ।
आज की कथा में बताया गया कि देवी वेदवती भगवान विष्णु की परम भक्त थीं और वे कठोर तपस्या कर रही थीं। इसी बीच रावण की दृष्टि उन पर पड़ी और उनके सौंदर्य पर मोहित होकर उसने उनकी तपस्या भंग करने का प्रयास किया। वेदवती ने रावण को कठोर शाप दिया, जिसके परिणामस्वरूप वे बाद में माता सीता के रूप में अवतरित हुईं। माँ तुलसी के प्रसंग में सनातन संस्कृति को बहुत विस्तार से समझाते हुए तुलसी की महिमा और नैतिकता का उपदेश दिया। सभा मंडप को संबोधित करते हुए वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी डॉ गिरीश जी ने लोक कल्याण के लिए ध्यान-ज्ञान को ही मुख्य आधार बताया। भोपाल में हो रहे देवी यज्ञ एवं कथा के लिए उन्होंने बहुत शुभकामनाएं दी। गिरीश जी ने चारों कुंभ में संस्थान के द्वारा यज्ञ, अनुष्ठान एवं कथा के विस्तार से सात्विकता के विकास की बात भी कही।
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