मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर आज संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन’ में शामिल हुए। आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, “संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन’ में शामिल होना खुशी की बात है।” विदेश मंत्री ने कहा कि ‘अद्वैत’ या ‘एक वास्तविकता’ की अवधारणा हमें ‘जीरो-सम गेम’ वाली सोच को त्यागने और इसके बजाय सामूहिक, साझा, सामान्य और हमारी एकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि शांति अविभाज्य है; दुनिया में कहीं भी होने वाला युद्ध हर जगह की शांति के लिए खतरा है। भारत समाधान के रूप में बातचीत और कूटनीति पर जोर देता है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों का मुकाबला करने के लिए मजबूत संकल्प की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने के समाधान खोजने में ‘ग्लोबल नॉर्थ’ की भी समान जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सार्वभौमिक उपयोगिता को देखते हुए, भारत एक जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की वकालत करता है। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार की तत्काल आवश्यकता है, और वैश्विक संकटों के समय संयुक्त राष्ट्र को नेतृत्व दिखाने की जरूरत है।
News Source : Social Media
Image Source : X @DrSJaishankar
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