मीडिया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चांद के दक्षिणी हिस्से पर पहुंचे हुए चंद्रयान-3 को 12 दिन हो गए हैं और इसका प्रज्ञान रोवर स्लीप मोड में चला गया है। ISRO द्वारा चांद पर लगातार कई प्रयोग किए जा रहे हैं और इसी कड़ी में सोमवार को विक्रम लैंडर की दोबारा सॉफ्ट लैंडिंग कराई गई है। जिस लोकेशेन पर पहले ये लैंडर मौजूद था, उससे 40 सेमी. ऊपर उठकर ये कुछ दूरी पर दोबारा सॉफ्ट लैंड कराया गया है। ISRO का कहना है कि भविष्य के मिशन के लिए इस तरह का प्रयोग करना जरूरी था।
मीडिया की माने तो, ISRO ने X(ट्विटर) पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, चंद्रयान-3 मिशन: विक्रम फिर से पर सॉफ्ट-लैंडेड हुए! विक्रम लैंडर ने अपने मिशन के उद्देश्यों को पार कर लिया। यह सफलतापूर्वक एक हॉप प्रयोग से गुजरा। आदेश पर, इसने इंजन चालू कर दिए, उम्मीद के मुताबिक खुद को लगभग 40 सेमी ऊपर उठाया और 30 – 40 सेमी की दूरी पर सुरक्षित रूप से उतर गया। महत्व?: यह ‘किक-स्टार्ट’ भविष्य के नमूना वापसी और मानव मिशनों को उत्साहित करता है! सभी प्रणालियाँ नाममात्र रूप से कार्यान्वित होती हैं और स्वस्थ हैं। प्रयोग के बाद तैनात रैंप, चाएसटीई और आईएलएसए को वापस मोड़ दिया गया और सफलतापूर्वक पुन: तैनात किया गया।
Image source: @isro
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