मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एचएएल के साथ 8073 करोड़ रुपये के दो संयुक्त अनुबंध किए हैं। इस अनुबंध के तहत सेना भारतीय सेना और तटरक्षक बल के लिए 34 ध्रुव एमके-III हेलीकॉप्टर और अन्य उपकरणों का अधिग्रहण किया जाएगा। इस समझौते के तहत खरीदे जाने वाले हेलीकॉप्टरों में सेना को 25 और तटरक्षक बल को नौ हेलीकॉप्टर मिलेंगे।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने पिछले सप्ताह इन दो खरीद परियोजनाओं को अपनी मंजूरी दी थी। मंत्रालय ने कहा कि 34 ध्रुव एमके-3 हेलिकॉप्टर सियाचिन ग्लेशियर और लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपना प्रदर्शन साबित कर चुका है। यह जल और थल दोनों के लिए उपयोगी है। ध्रुव एमके-3 का आईसीजी संस्करण समुद्री निगरानी, बचाव और सैनिकों के परिवहन के लिए भी डिजाइन किया गया है।
मीडिया में आई खबर के अनुसार, भारतीय सेना की आर्मी एविएशन कोर 15 मार्च को जोधपुर में अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का अपना पहला स्क्वाड्रन स्थापित करेगी। भारतीय सेना के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यूनिट का पहला हेलीकॉप्टर इस साल मई में अमेरिका से आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारतीय सेना ने अमेरिका से छह अपाचे हेलीकॉप्टर प्राप्त करने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, भारत के रक्षा सचिव गिरिधर अरमने तथा इटली के रक्षा महासचिव व राष्ट्रीय आयुध निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल लुसियानो पोर्टोलानो ने बुधवार को द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। 10वीं भारत-इटली संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) की बैठक की साझा अध्यक्षता करते हुए दोनों अधिकारियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र व सुरक्षा स्थितियों पर भी विचार साझा किए।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार, भारत व इटली के अधिकारियों ने रक्षा उद्योग व सैन्य सहयोग पर विस्तृत वार्ता की। दोनों देशों ने अक्तूबर 2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की इटली यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग संबंधी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को गहरा करने के लिए व्यापक रूपरेखा प्रदान करने वाले इस समझौते के साथ, दोनों पक्षों ने भारत में सह-उत्पादन सहित संयुक्त परियोजनाओं के लिए दोनों देशों की रक्षा कंपनियों को एक साथ लाने के तरीकों और साधनों पर चर्चा की। रक्षा सचिव ने दोनों पक्षों के फायदे व लचीली आपूर्ति शृंखला को बेहतर करने के लिए इतालवी रक्षा कंपनियों की वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारतीय विक्रेताओं को शामिल करने का सुझाव दिया।
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