मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कलकत्ता हाईकोर्ट में संदेशखाली में हिंसा पर दायर याचिकाओं की सुनवाई लगातार जारी है। गुरुवार को उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि यह मामला बेहद शर्मनाक है। कोर्ट ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही कहा कि संदेशखाली मामले में जिला प्रशासन और पश्चिम बंगाल सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस शिवज्ञानम ने आदेश देते हुए कहा था कि शाहजहां को हर हाल में चार मार्च को होने वाली सुनवाई में पेश किया जाए। इस पूरे मामले में उच्च न्यायालय ने हैरानी जताते हुए कहा कि संदेशखाली में महिलाओं से यौन शोषण और जमीन हड़पने की सूचना पुलिस को चार साल पहले ही दी गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने चार्जशीट दायर करने में चार साल का लंबा समय लगा दिया।
जानकारी के लिए बता दे, बता दें कि संदेशखाली में महिलाओं से यौन शोषण और जमीन हड़पने के आरोपी शाहजहां शेख को 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। तृणमूल कांग्रेस नेता को बंगाल पुलिस द्वारा 55 दिनों की भागदौड़ के बाद पकड़ा गया था। इसके बाद उसे सीबीआई को सौंप दिया गया। शाहजहां और उसके दो साथियों शिबू हाजरा और उत्तम सरदार पर महिलाओं से गैंगरेप का आरोप है। इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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