केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल महत्वपूर्ण भारत-यूरोपीय संघ एफटीए वार्ता के लिए 8-9 जनवरी को ब्रुसेल्स का दौरा करेंगे

0
69
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल महत्वपूर्ण भारत-यूरोपीय संघ एफटीए वार्ता के लिए 8-9 जनवरी को ब्रुसेल्स का दौरा करेंगे

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 8-9 जनवरी 2026 तक दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ब्रुसेल्स जाने वाले हैं। यह यात्रा नई दिल्ली और ब्रुसेल्स के बीच बढ़ते राजनयिक और तकनीकी संबंधों को दर्शाती है, जो भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह वार्ता भारत और यूरोपीय संघ के आर्थिक संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ पर हो रही है। नौ साल से अधिक के अंतराल के बाद जून 2022 में इन वार्ताओं को फिर से शुरू किया गया था, जो आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तब से अब तक दोनों पक्षों के बीच 14 दौर की गहन बातचीत और कई मंत्री-स्तरीय संवाद हो चुके हैं, जिसमें सबसे हालिया बातचीत दिसंबर 2025 में हुई थी। यूरोपीय संघ वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और एक प्रमुख निवेशक है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार काफी बढ़ा है। इस समझौते को केवल एक व्यापारिक सौदे के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है जो आधुनिक आर्थिक वास्तविकताओं को संबोधित करता है।

मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। इन मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य बातचीत करने वाली टीमों को रणनीतिक दिशा देना, लंबित मुद्दों को सुलझाना और एक संतुलित एवं महत्वाकांक्षी समझौते को जल्द पूरा करना है। नेताओं से उम्मीद है कि वे समझौते के प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, ताकि मतभेदों को कम किया जा सके और बचे हुए मुद्दों पर स्पष्टता सुनिश्चित की जा सके। यह मंत्री-स्तरीय बैठक ब्रुसेल्स में एक सप्ताह की गहन चर्चा के बाद हो रही है, जिसकी नींव इस सप्ताह की शुरुआत (6-7 जनवरी 2026) में भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग के व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड के बीच हुई बातचीत के दौरान रखी गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार, भारत की रणनीति का मुख्य स्तंभ एक ऐसा समझौता हासिल करना है जिसका सीधा लाभ आम आदमी को मिले। भारत अपने श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कि कपड़ा, चमड़ा, परिधान, रत्न और आभूषण, तथा हस्तशिल्प के लिए ‘जीरो-ड्यूटी’ (शून्य शुल्क) पहुंच की मांग कर रहा है। भारत और यूरोपीय संघ दोनों ने एक व्यापक समझौते को पूरा करने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई है। आगामी वार्ता से नियम-आधारित व्यापार ढांचे और एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता फिर से पुख्ता होने की उम्मीद है, जो किसानों और एमएसएमई (MSMEs) के हितों की रक्षा करते हुए भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) से जोड़ेगा।

#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi

Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा खबरें

Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here