मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने शुक्रवार को चांदीपुर परीक्षण रेंज से डीआरडीओ द्वारा विकसित एक स्वदेशी मएन पोर्टेबल यानी कि सैनिकों द्वारा ले जाने योग्य मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। यह आठ किलोमीटर की दूरी और 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर कम दूरी के हवाई खतरों जैसे ड्रोन हेलीकॉप्टर इत्यादि को नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है। वी एस एच ओ आर ए डी एस की मुख्य विशेषताएं यह है कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमारत हैदराबाद द्वारा यह विकसित किया गया है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह एक चौथी पीढ़ी का मएन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे सैनिक आसानी से ले जा सकते हैं। हाल ही में फरवरी 2025 में उड़ीसा के चांदीपुर में इसका कई-कई बार सफल उड़ान परीक्षण किया गया था। इसमें लघु प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली, एकीकृत एवीयोनिक्स और दोहरी थ्रस्ट सॉलिड मोटर का उपयोग किया गया है। यह कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों जैसे ड्रोन और विमान को सटीकता से निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम है। यह प्रणाली भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना तीनों की आवश्यकताओं को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है। यह भारत की वायु सुरक्षा क्षमता को बेहद मजबूत बनाने में एक अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, शुक्रवार को इसके सफल परीक्षण को देखते हुए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर भी कामत ने पूरे परीक्षण करने वाले टीम को बधाई दिया है।
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