मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कार्यक्रमों की समीक्षा करने और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से संबंधित पहल पर विचार विमर्श करने के लिए सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति -सीसीएस की विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी। बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिये आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का आकलन किया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी फसलों के दौरान इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि चल रहे संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। पीएम मोदी ने सभी संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि वे वर्तमान वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान, कृषि, उर्वरक, जहाजरानी, विमानन, रसद और लघु और मध्यम उद्यमों -एमएसएमई में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, आवश्यक आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कमी करने और बिजली क्षेत्र से संबंधित उपायों की समीक्षा भी की गई। कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से अवैध उत्पादन विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ने कहा कि पाइपलाइन प्राकृतिक गैस कनेक्शनों के विस्तार के लिए भी पहल की गई है। सरकार ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी के महीनों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 7-8 गीगावॉट क्षमता वाले गैस आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग व्यवस्था से छूट देना और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयले की आपूर्ति के लिए रेक बढ़ाना जैसे उपाय भी किए गए हैं। बैठक के दौरान कृषि, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी और रसद जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई। सरकार ने यह भी बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कीमतों पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर निगरानी और संवाद के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों की कीमतों की भी निगरानी की जा रही है। सरकार ने कहा कि ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए वैश्विक स्तर पर स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल और निरंतर राजनयिक प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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