मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रूस ने चेतावनी दी है कि पड़ोसी देश फिनलैंड ने अगर अपनी धरती पर परमाणु हथियारों की तैनाती की अनुमति दी तो वह निर्णय फिनलैंड के लिए घातक होगा। यूरोपीय देशों की ताकत बढ़ाने के लिए इस तरह की योजना की घोषणा हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की है। इस योजना के तहत परमाणु हथियारों से लैस मिसाइलों वाले लड़ाकू विमान फिनलैंड सहित कई देशों में तैनात किए जाएंगे। ऐसा यूरोपीय देशों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों में केवल फ्रांस परमाणु हथियार संपन्न देश है। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने कहा है कि सैन्य संगठन नाटो का सदस्य देश फिनलैंड परमाणु हथियारों की तैनाती की योजना को त्याग दे अन्यथा वह उसके लिए घातक निर्णय होगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि परमाणु हथियारों की तैनाती से यूरोप में तनाव बढ़ेगा और यह पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए अच्छा नहीं होगा। एक अन्य घटनाक्रम में रूस ने शुक्रवार को यूक्रेन के 300 बंदी सैनिक और दो नागरिक रिहा कर दिए। सैनिकों की यह रिहाई युद्धरत दोनों देशों के बीच बंदियों की अदलाबदली की प्रक्रिया के तहत हुई है।
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