मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भारत और बुल्गारिया के संबंध दीर्घकालिक और स्थिर हैं। अब दोनों देशों के लिए यह चुनौती है कि वे इन संबंधों को और अधिक गतिशील तथा बेहतर रूप दें। उन्होंने बुल्गारिया में अपनी समकक्ष वेलिस्लावा पेट्रोवा-चामोवा से मुलाकात के बाद यह बात कही। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया कि उनकी चर्चा के तीन आयाम थे: पहला, भारत और बुल्गारिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग; दूसरा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी; और तीसरा, इस बात पर चर्चा कि कैसे मजबूत देश वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक सुरक्षा, हाल के व्यवधानों के अनुभवों और आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर भारत का स्पष्ट रुख है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि यह युद्ध का युग नहीं है और संघर्षों का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति में निहित है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आगे कहा कि आर्थिक जोखिमों के संदर्भ में, समाधान लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और अधिक विविधीकरण में निहित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री व्यापार में न तो कोई बाधा उत्पन्न हो और न ही वह खतरे में पड़े।
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