(भोपाल): बेतवा नदी के सूखे उद्गम स्थल को पुनर्जीवित करने के लिए 10 मई 2026 को शुरू हुए श्रमदान सप्ताह के चौथे दिन 13 मई 2026 को लगभग डेढ़ दर्जन श्रमदानी सुबह आठ बजे झिरी स्थित उद्गम स्थल पहुंचे किंतु आज का श्रमदान विशेष और अन्य दिनों की तुलना में कठिन था l गांव के लोग और उद्गम स्थल मन्दिर के पुजारी गोपाल दास जी बताते थे कि झिरी क्षेत्र के पहाड़ के ऊपर भी एक झिर है जहां वन्यजीव और बाघ आदि भी विचरण करते हैं लेकिन वह झिर अब मलबे में दबकर पूरी तरह बंद हो गई l मन्दिर के पुजारी का कई दिन से यह अनुरोध था कि पार्वती कुंड के नाम से जानी जाने वाली उस झिर को इस वर्ष के श्रमदान सप्ताह में पुनर्जीवित करने का प्रयास करना चाहिए l यह जगह उद्गम स्थल से लगभग 5 किलोमीटर दूर है और यहां पहुँचने के लिए लगभग 1 किलोमीटर झाड़ झंकाड वाली पथरीली खड़ी चढ़ाई है l

इस संबंध में डॉ आर के पालीवाल ने बताया कि आज सुबह हमारा श्रमदान दल वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ यहां पहुंचा और झिर के आसपास कुछ हरी वनस्पति से पानी का संकेत मिलता था l वहां की मिट्टी हटाने से थोड़ा सा गीलापन दिखा तो श्रमदान टीम में मौजूद हाइड्रोलॉजिस्ट सुनील चतुर्वेदी ने आसपास जमा हुई छह सात फीट मिट्टी हटाने का सुझाव दिया l सब्बल और फावड़े से खुदाई कर सारी मिट्टी बाहर निकालने पर तीन दिशाओं से थोड़ा थोड़ा पानी रिसने लगा l थोड़ी देर में छोटे से कुंड में कई लीटर पानी इकट्ठा हो गया l उन्होंने आगे बताया कि वन्यजीवो के लिए मई की भीषण गर्मी में यह जल स्रोत जीवनदायी सिद्ध होगा l आज के श्रमदान से आदि बेतवा कुंड का पुनर्जीवित होना सबके लिए साक्षात चमत्कार जैसा रहा l इस संबंध में उन्होंने सहर्ष जानकारी देते हुए बताया कि “लगता है मां बेतवा ही अपने आदि स्रोत पर प्रकट होकर हम सबको आशीर्वाद दे रही हैं और अपने पुनर्जन्म की तैयारी कर रही हैं ताकि आगामी पीढ़ियों को भी अमृतपान करा सकें।”
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें



