मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से टेलीफोन पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि उनकी बातचीत पश्चिम एशिया संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर केंद्रित थी। डॉ. जयशंकर ने कहा कि दोनों ने ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर भी विचार-विमर्श किया।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री ने कल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के राजदूतों से भी मुलाकात की। अकेले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में ही करीब 80 लाख भारतीय रहते हैं। इस बैठक में बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के राजदूत भी उपस्थित थे। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने और छह राजदूतों ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर विचार-विमर्श किया। डॉ. जयशंकर ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। इससे पहले, विदेश मंत्री ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ से भी बात की और पश्चिम एशिया संघर्ष के परिणामों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत ‘पड़ोसी प्रथम’ और ‘विजन महासागर’ के प्रति प्रतिबद्ध है।
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा खबरें



