सैनिक भारत की सीमाओं के साथ देश के स्वाभिमान की भी करते हैं रक्षा : सीएम डॉ. मोहन यादव

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सैनिक भारत की सीमाओं के साथ देश के स्वाभिमान की भी करते हैं रक्षा : सीएम डॉ. मोहन यादव

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सैनिक केवल भारत की सीमाओं की रक्षा नहीं करते बल्कि देश के स्वाभिमान की भी रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जो वर्दी पहन कर देश के लिए खड़ा होता है, उसके सामने पूरा राष्ट्र नतमस्तक होता है। मातृभूमि के प्रति सैनिकों के प्रेम और समर्पण के कारण ही भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता की सेवा में सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में राज्य सैनिक रैली को भोपाल के राजकीय विमानतल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, सैनिकों के प्रति उनकी संवेदनाएं सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उन वीर सैनिकों जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किए, उनकी कमी तो पूरी नहीं की जी सकती, लेकिन ऐसे वीरों के परिवारों के साथ सरकार हर कदम पर खड़ी है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शहीद आश्रितों को पेंशन, वित्तीय सहायता, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएँ समय पर और सम्मानपूर्वक प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जहाँ भी आवश्यकता होगी, इन योजनाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि अब 10 हजार रूपए प्रतिमाह कर दी है। शहीदों की पुत्रियों और बहनों के विवाह पर 51 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। युद्ध एवं सैन्य कार्रवाई में शहीद हुए सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रूपए की गई है।

मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवासरत द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों और उनकी पत्नियों की मासिक पेंशन राशि 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार प्रतिमाह की गई है, जो देश मे सर्वाधिक है। विभिन्न शौर्य एवं विशिष्ट सेवा अलंकरणों से नवाजे गए सैनिकों एवं उनके आश्रितों को राज्य शासन द्वारा सर्वाधिक सम्मान राशि दी जाती है। मध्यप्रदेश निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई। इन्हीं प्रयासों के परिणाम स्वरूप वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण निदेशालय को रक्षा मंत्री द्वारा “प्रोगेसिव स्टेट ट्रॉफी” से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, साथ ही सैनिक विश्राम गृहों के उन्नयन का कार्य भी जारी है। प्रदेश में रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसरों को विस्तारित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सैनिक रैली राष्ट्र गौरव और एकता की भावना को और सुदृढ़ करे, यही कामना है। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं।

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