मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि कांगो और युगांडा में 21 मई तक इबोला संक्रमण के दुर्लभ बंडीबुग्यो स्ट्रेन से जुड़े कुल 650 संदिग्ध मामले मिले हैं। संक्रमण से 144 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करते हुए कहा कि स्थिति अभी महामारी के स्तर पर नहीं है। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए 28 मई को नई दिल्ली में शुरू होने वाला भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है। बदलते घटनाक्रम को देखते हुए भारत ने प्रभावित अफ्रीकी देशों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए परामर्श जारी किया है। हालांकि देश में अभी तक इबोला संक्रमण कोई मामला नहीं मिला है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डब्ल्यू.एच.ओ. ने कहा है कि इबोला की इस विशेष स्ट्रेन के खिलाफ टीका तैयार होने में नौ महीने तक का समय लग सकता है। डब्ल्यू.एच.ओ. के सलाहकार डॉ. वासी मूर्ति ने कहा कि बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से निपटने के लिए दो संभावित टीके विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन अभी इनका क्लिनिकल परीक्षण बाकी है। इबोला के इस स्ट्रेन को विकसित होने में दो से 21 दिनों तक का समय लगता है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश हो सकती है। बाद में ये लक्षण उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चकत्ते और गुर्दे तथा लिवर में गड़बड़ी में बदल सकते हैं।
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें



