मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को गोवा में वैश्विक पवन दिवस 2026 राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (डब्ल्यूटी-मारुत) पोर्टल का शुभारंभ किया। इससे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा भारतीय पवन टरबाइन विनिर्माता संघ ने डब्ल्यूटी-मारुत पोर्टल को संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह देश का पहला डेडीकेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य पवन ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुसंगत बनाना है। आशा है कि इस पहल से पुर्ज़ों की उपलब्धता में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा, घरेलू आपूर्तिकर्ताओं की पहुंच आसान होगी डेटा सुरक्षा बढ़ाने और सरकार के आत्मनिर्भर भारत बनाने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में भारत के तीव्र विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष 46% की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड छह दशमलव एक गीगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता की वृद्धि हुई है। कुल संस्थापित पवन ऊर्जा क्षमता के साथ 56.1 गीगावॉट की सीमा को पार करते हुए भारत ने विश्व के चौथे सबसे बडे़ पवन ऊर्जा बाजार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत बनाया है। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को व्यापक स्तर पर अपनाकर कार्बन उत्सर्जन पूरी तरह समाप्त करने के प्रति भारत की वचनबद्धता दोहराई।
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