मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विकसित भारत का स्वप्न साकार करने के लिए युवाओं से आत्मनिर्भर भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। रविवार को बेंगलुरु में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के राईज़ सम्मेलन के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि देशवासियों में विश्व-स्तरीय उत्पाद बनाने की क्षमता है। उन्होंने यूपीआई, डिजीयात्रा, आकाश मिसाइल प्रणाली, गैलेक्सी दृष्टि उपग्रह मिशन और जोहो ऐप के उदाहरण दिए।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत को महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के लिए अन्य देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि करगिल युद्ध के दौरान अमरीका ने भारत को जीपीएस सुविधा देने से इनकार कर दिया था। इसे देखते हुए भारत ने अपनी उपग्रह नेविगेशन प्रणाली नाविक का विकास किया। उन्होंने कहा कि नाविक प्रणाली भविष्य में भारतीय मानक समय प्रदान करने में भी सहायक होगी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि स्वदेशी नवाचार से लागत कम होती है और विदेशी मुद्रा की बचत होती है। उन्होंने युवाओं से अपने देश को ध्यान में रखकर समाधान विकसित करने और आयात पर निर्भरता कम करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सभी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपलब्धता के महत्व और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने अपने प्रसादों की गुणवत्ता नियंत्रण में प्रौद्योगिकी सहायता के लिए केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
#dailyaawaz #newswebsite #news #newsupdate #hindinews #breakingnews #headlines #headline #newsblog #hindisamachar #latestnewsinhindi
Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें



