मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसाएएफ) को अपनाने और इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन (आईसीएओ) के ग्लोबल कार्बन रिडक्शन फ्रेमवर्क – ‘कार्बन ऑफसेटिंग एंड रिडक्शन स्कीम फॉर इंटरनेशनल एविएशन’ (सीओआरएसआईए) – के नियमों का पालन करने की भारत की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल स्टेकहोल्डर मीटिंग की अध्यक्षता की।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस), ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई), ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs), एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और अन्य प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में देश भर में एसएएफ के प्रोडक्शन, सर्टिफिकेशन और सप्लाई चेन डेवलपमेंट में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। स्टेकहोल्डर्स ने 2027 से शुरू होने वाली संभावित मांग को पूरा करने के लिए सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की।
News Source : Social Media
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