सरकार ने टोल अनुपालन और डिजिटल प्रर्वतन को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम-2026 के संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि यह संशोधन बकाया उपभोक्ता शुल्क के मामलों में एक संरचित रिकवरी तंत्र प्रदान करता है। इसे टोल संग्रह डिजिटल प्रवर्तन को सशक्त बनाने के लिए लाया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर उपभोक्ता शुल्क की कुशल और पारदर्शी वसूली सुनिश्चित करना भी है। नियम-14 के अंतर्गत अधिसूचित बकाया उपयोगकर्ता शुल्क की रिकवरी के लिए संरचित तंत्र में प्रौद्योगिक संचालित इलेक्ट्रॉनिक नोटिस-ई नोटिस प्रणाली शामिल है। इस प्रणाली में पंजीकृत वाहन मालिकों को वाहन विवरण, तिथि और स्थान तथा देय धनराशि निर्दिष्ट करना होगा। संशोधन के अनुसार एक ई-नोटिस के जवाब में बकाया देय उपभोक्ता शुल्क वास्तविक टोल शुल्क का दुगुना होगा।
इस नियम में वाहनों के निर्बाध पहचान तथा बकाया शुल्क के प्रर्वतन को सक्षम बनाने के लिए वाहन डेटाबेस के साथ राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को वाहन डेटाबेस के साथ एकीकृत करने का भी प्रावधान है। मंत्रालय ने बताया है कि यह संशोधन टोल परिचालन में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, निवेशकों के विश्वास को प्रोत्साहित करेगा तथा वैध और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। यह संशोधन देश में अनुपालन तंत्र को सशक्त बनाने तथा आधुनिक, सक्षम और बाधा मुक्त टोलिंग तंत्र को समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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