मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयुष मंत्रालय ने आज अत्यधिक गर्मी और लू के संबंध में एक व्यापक जन स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, भीषण गर्मी के समय धूप में निकलने से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फलों तथा इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन पर बल दिया गया है। लोगों को गर्मी से संबंधित बीमारियों के खतरे के लक्षणों जैसे चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, उच्च तापमान, निर्जलीकरण, दौरे और बेहोशी के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। गंभीर मामलों में आपातकालीन हेल्पलाइन 108 और 102 पर तुरंत कॉल करने की सिफारिश की गई है। शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व्यक्ति, बाहरी कामगार और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति, लू की स्थिति में विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं और उन्हें विशेष देखभाल और निगरानी की आवश्यकता होती है।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यस्थलों, सार्वजनिक सभाओं और बाहरी गतिविधियों के लिए विशेष सावधानियों की सलाह दी गई है। इनमें छायादार विश्राम क्षेत्रों की व्यवस्था, नियमित जलपान विराम, श्रमिकों के लिए अनुकूलन उपाय और लू लगने के लक्षणों के बारे में जागरूकता पैदा करना शामिल है। लू की स्थिति से निपटने के लिए आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी सहित विभिन्न आयुष प्रणालियों के पारंपरिक स्वास्थ्य और निवारक उपायों को भी शामिल किया गया है। इसमें ठंडे आहार, छाछ, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे हाइड्रेटिंग पेय पदार्थों के सेवन और उपयोग की सिफारिश की गई है। गर्मी के मौसम में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, सफेद लौकी और टमाटर जैसे ठंडे पारंपरिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की भी सलाह दी गई है।
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